अमरीकी विदेशमंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार 2 सप्ताह पर आधारित इस दौरे में अमरीकी विशेषदूत अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान, भारत और चीन का दौरा करेंगे और वहां के अधिकारियों से अफ़ग़ान शांति प्रक्रिया पर वार्ता करेंगे।
अमरीकी विशेष दूत का दौरा दो सप्ताह पर आधारित होगा और यह दौरा 21 जनवरी को संपन्न हो जाएगा। बयान के अनुसार अमरीका का कहना है कि वह 40 साल से जारी अफ़ग़ान विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का प्रयास कर रहा है और आशा करता है कि अफ़ग़ानिस्तान दोबारा कभी आतंकवाद के प्लेटफ़ार्म के रूप में प्रयोग न हो।
अमरीकी विदेशमंत्रालय के अनुसार ज़लमी ख़लीलज़ाद अपने दौरे के दौरान अफ़ग़ान सरकमार और शांति प्रक्रिया में रुचि रखने वाले गुटों से मुलाक़ात करेंगे जबकि अफ़ग़ान जनता का जीवन बेहतर बनाने से संबंधित बातचीत की जाएगी।
उन्होंने बताया कि ज़ल्मी ख़लीलज़ाद अफ़ग़ान राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी और अन्य पक्षों के साथ इन्टर अफ़गान शांति प्रक्रिया के संबंध में भी मुलाक़ात करेंगे क्योंकि अमरीका का लक्ष्य है कि वार्ता द्वारा देखा जाए कि विवाद की समाप्ति कैसे हो सकती है।
अमरीकी विदेशमंत्रालय का कहना था कि उनका लक्ष्य है कि समस्त पक्षों को वार्ता की मेज़ पर लाया जाए ताकि ऐसा शांतिपूर्ण समाधान निकले जिसमें समस्त अफ़ग़ान क़ानून के अनुसार संयुक्त ज़िम्मेदारी महसूस करें।
बयान में कहा गया है कि अफ़ग़ान विवाद का एकमात्र समाधान समस्त पक्षों का मिलकर साथ बैठना है और एक ऐसे समझौते तक पहुंचना है जो अफ़गानिस्तान के राजनैतिक भविष्य में हर किसी के लिए सम्मानीय और स्वीकार्य हो।